KV Classes की कहानी ! Dhiraj Singh की जुबानी

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KV Classes की कहानी !

दोस्तों,

आज कल कई छात्र सरकारी संस्थान यानि सरकारी नौकरी में रोजगार लेकर अपनी जीवन को सुरक्षित करना चाहते है, क्यों की सरकारी नौकरी में रोजगार  सुरक्षित मानी जाती है, इसे प्राप्त कर लेने के बाद, समाज में आपकी इज्जत बड जाती है।

सरकारी नौकरी के लिए एक बहुत कठिन प्रवेश परीक्षा ली जाती है, केवल सर्वोत्तम छात्रों को ही रोजगार दिया जाता है। सीटें कम होने की वजह से कम्पीटीशन बहुत ज्यादा है! छात्रों को सरकारी नौकरी में प्रवेश परीक्षा पास करने के लिए किसी कोचिंग इंस्टिट्यूट से कोचिंग लेनी पड़ती है। इस कारण भारत में कोचिंग इंस्टिट्यूट का एक बड़ा व्यवसाय अस्तित्व में आ गया है, कई कोचिंग संस्थान ऐसे हैं जो इस प्रवेश परीक्षा की तयारी करवातें हैं लेकिन इन फीस बहुत ज्यादा है।

तो आप सोचिये, अगर कोई गरीब लेकिन प्रतिभावान छात्र है, और वह सरकारी नौकरी में रोजगार चाहता है तो, यह उसके लिए लगभग असंभव होगा, क्यों की बिना अभ्यास के वह लाखों छात्रों को पीछे छोड़  में जगह नहीं बना पायेगा।

बिहार के एक छोटा सा गाँव में एक अनोखा इंस्टिट्यूट ऐसा हैं, जो गरीब प्रतिभावान छात्रों को कोचिंग की सुविधा के साथ साथ, Online फ्री में अध्ययन सामग्री का भी इंतज़ाम करता है। इस संस्थान का नाम KV Classes है ।

आइये हम आज इस KV Classes को बनाने और चलाने वाले विवेक कुमार जी और की प्रेरणादायक कहानी सुनते हैं।

विवेक कुमार जी की प्रेरणादायक कहानी

विवेक कुमार जी का जन्म बिहार के अररिया में हुआ। इनके पिता एक किसान है। इनके पिता अपने बच्चों के लिए महँगी प्राइवेट स्कूल की शिक्षा का इन्तेजाम नहीं कर सकते थे इसलिए विवेक कुमार की प्रारंभिक शिक्षा एक हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल में हुई जहाँ उन्हें गणित में गहन रूचि उत्पन्न हो गयी।

विवेक सर ने अपनी प्रतिभा के बल पर IIT के प्रवेश परिक्षा पास कर गये लेकिन अपनी गरीबी और पिता की तबीयत खराब के चलते वे IIT नहीं जा पाए। 2014 ग्रेजुएशन समाप्त करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी में लग गये. लेकिन गाँव में सुविधा नहीँ होने क़े चलते Bank Clerk बनने में 1 साल का समय लग गया। लेकिन 6 माह काम करने बाद नौकरी से इस्तीफा दे दिये क्यूँकि पिता का तबीयत खराब रहता था. फिर उनहोने गाँव में ही 2015 से पढ़ाना सुरू किया।  विवेक सर से मेरी मुलाकात साल 2017 में हुई तब मै Bankersadda में काम कर रहा था. सर से मेरी बात हुई कि क्यु ना हम Online छात्रों को वो सुबिधा दे तब हमने KVClasses.com नाम से वेबसाइट बनाई। सिर्फ एक साल में हमारे वेबसाइट पे 12 लाख से भी ज्यादा छात्र जुड़ गये है और सिर्फ तीन सालों में ही KV Classes संस्था से छात्रों की संख्या 2 से बढ़कर 1000 तक पहुँच गयी। तब से लेकर आज तक विवेक सर हर वर्ष कई प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रो को सरकारी नौकरी दिला चुके है।

उदाहरण के लिये इस साल बिहार पुलिस दारोगा में KV Classes संस्था से 5 छात्रो का चयन हुआ है और Online पढ़ने वाले छात्रो में 2 का चयन हुआ है. 

Online Learner

जहाँ हर शहर में लालची लोगों द्वारा शिक्षा का व्यवसायीकरण कर दिया गया हैं ऐसे में विवेक कुमार जी की कहानी रेगिस्तान में एक छायादार वृक्ष की तरह लगती है।