GAIL की नौकरी छोड़ IAS टॉपर बना ये शख्स, ऐसे की एग्जाम की तैयारी

GAIL की नौकरी छोड़ IAS टॉपर बना ये शख्स, ऐसे की एग्जाम की तैयारी

70वीं रैंक से साल 2017 में आईएएस टॉप करने वाले आशुतोष द्विवेदी कहते हैं कि UPSC की तैयारी एक तपस्या है. इसमें  किसी-किसी को ही वरदान मिलता है, लेकिन सिद्धि सभी को मिलती है. जो अलग ढंग से सही दिशा में तैयारी करते हैं, वो भी पूरी तरह सफल होते हैं. जानिए, किस तरह आशुतोष ने गेल की नौकरी को अलविदा कहकर IAS बनने की ठानी. उनकी तैयारी के टिप्स और उनके द्वारा सुझाई गई किताबों के बारे में भी जानिए.

आशुतोष ने अपने बड़े भाई का सपना पूरा करने के लिए IAS बनने की ठानी थी. द बेटर इंडिया से बातचीत में आशुतोष ने इस एग्जाम को लेकर अपनी रणनीति साझा की है. वो कहते हैं कि UPSC परीक्षा तपस्या करने जैसा ही अनुभव है. वो कहते हैं कि मैं समझ गया हूं कि ये परीक्षा एक व्यक्ति को अंदर से बदल देती है. समाज और देश में परिस्थितियों के बारे में लगातार अध्ययन करने से, एक सामान्य व्यक्ति भी बेहतर और संवेदनशील नागरिक बन जाता है. मुझे लगता है कि भले ही कोई चुना जाए या नहीं लेकिन ये बदलाव भी अपने आप में महत्वपूर्ण हैं.

 

आशुतोष बताते हैं कि उन्होंने तय कर लिया था कि किसी भी तरह भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होना है. अपने एक या दो प्रयासों से वो यूपीएससी में जॉब भी करने  लगे, लेकिन फिर 2017 में ही वह आईएएस में चयनित हो सके. वो कहते हैं कि मुझे अपने अंतिम लक्ष्य के बारे में बहुत क्लीयर था. वो कहते हैं कि गेल में नौकरी के दौरान एक महिला की बात ने प्रभावित किया था, तभी ये फैसला लिया. वो अपनी पत्नी प्रज्ञा को भी अपनी सफलता के लिए जिम्मेदार मानते हैं

 

जब पत्नी ने पढ़कर सुनाए नोट्स

2017 की परीक्षा से कुछ दिन पहले एक घटना के बारे में बताते हुए  आशुतोष कहते हैं कि एग्जाम से लगभग 15 दिन पहले मैं गंभीर रूप से बीमार हो गया. उस दौरान करीब दस दिनों तक मैं बिस्तर पर था. ये बहुत ही महत्वपूर्ण समय था और मैं इसे बर्बाद करने का जोखिम नहीं उठा सकता था. उन सभी दिनों में, मैं बिस्तर पर पड़ा हुआ था और प्रज्ञा मेरे पास सभी नोट्स पढ़ती थी. वो बताते हैं कि इसी दौरान उन्होंने करंट अफेयर्स का एक बड़ा हिस्सा तैयार किया था.

Topper’s Top 3 books

1. इतिहास की किताब के बारे में आशुतोष कहते हैं कि
बिपिन चंद्र की ‘इंडियन स्ट्रगल फॉर इंडिपिडेंस’ साहित्यिक दुनिया में लिखे गए भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष का सबसे संपूर्ण और सटीक चित्रण है. ये पांच विशेषज्ञ लेखकों द्वारा लिखित और संपादित है, इससे भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण अवधियों के दौरान का दृष्टिकोण पता चलता है.
2. एथिक्स के लिए वो महात्मा गांधी द्वारा ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ का सुझाव देते हैं.
3. लाइट रीडिंग में वो लेखक श्री लाल शुक्ल के लिखे व्यंगात्मक हिंदी उपन्यास को पढ़ने की सलाह देते हैं.   आशुतोष का कहना है कि इस किताब ने तैयारी में लंबे समय के दौरान उन्हें तनाव हटाने में मदद की.

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