प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख राजवंश, राजधानी और उनके संस्थापक

दोस्तों, 

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश, राजधानी और संस्थापक से संबंधित प्रश्न हर एवंजाम में पूछे जाते है भारतीय इतिहास के लगभग 1200 ई.पूसे 240 ई. तक प्राचीन भारत का इतिहास कहलाता है। भारत का प्राचीन इतिहास गौरव पूर्ण रहा है इसकी जानकारी के स्रोत अत्यधिक विस्तृत है जिन्हें एक सूत्र में पिरोने में भारती इतिहासकारो को लम्बे अनुसन्धान से गुजरना पड़ा है

प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख राजवंश, राजधानी और उनके संस्थापक

प्राचीन भारतीय इतिहास के विषय में जानकारी मुख्यतः चार स्रोतों से प्राप्त होती है

  • धर्मग्रंथ
  • ऐतिहासिक ग्रन्थ
  • विदेशी विवरण
  • पुरातात्त्विक सामग्री तथा साक्ष्य

प्राचीन भारतीय इतिहास बहुत व्यापक है जो कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह रहा है। प्राचीन काल में भारत पर कई राजवंशों ने शासन किया था, जिनमें प्रमुख राजवंश हर्यक वंश, नंद राजवंश, मौर्य राजवंश, पांड्य राजवंश, गुप्त वंश, कुषाण वंश, चोल राजवंश, पल्लव राजवंश, चालुक्य राजवंश आदि थे, जिन्होंने लम्बे समय तक भारत की धरती पर शासन किया था। यहाँ पर हम प्राचीन भारतीय इतिहास में प्रमुख राजवंश, राजधानी और उनके संस्थापक के बारे में संक्षिप्त सामान्य जानकारी दे रहे हैं, जो एसएससी, यूपीएससी, रेलवे, पीएसएस, बैंक, शिक्षक, टीईटी और कैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश, राजधानी और संस्थापक:

(Major Dynasty Capitals & founders of Indian History in Hindi)

 

राजवंश संस्थापक राजधानी
हर्यक वंश (544 ई. पू. से 492 ई. पू.) बिम्बिसार राजगृह, पाटलिपुत्र
शिशुनाग वंश (413 ईसा पूर्व -345 ईसा पूर्व) शिशुनाग वैशाली
नंद वंश (345-321 ईसा पूर्व) महापदम् नन्द पाटलिपुत्र
मौर्य वंश (322 ईसा पूर्व और 187 ईसा पूर्व) चन्द्रगुप्त मौर्य पाटलिपुत्र
शुंग वंश (187 से 78 ईसा पूर्व) पुष्यमित्र शुंग पाटलिपुत्र
कण्व वंश (75 ईसा पूर्व से 30 ईसा पूर्व) वसुदेव पाटलिपुत्र
सातवाहन वंश (230 ईसा से तीसरी शताब्दी तक) सिमुक प्रतिष्ठान
कुषाण वंश  (127-150 ई) कडफिसस प्रथम पेशावर ( पुरुषपुर )
गुप्त वंश  (320 ई–550 ई) श्री गुप्त पाटलिपुत्र
हूण वंश (370 ई) तोरमाण शाकल ( स्यालकोट )
पुष्यभूति वंश (6 से 7 वें शताब्दी) नरवर्धन थानेश्वर, कन्नौज
पल्लव वंश (चौथी शताब्दी, 600 साल तक) सिंहवर्मन चतुर्थ कांचीपुरम्
चालुक्य वंश (535 ई. से 566 ई.) जयसिंह वातापी/कल्याणी
चालुक्य वंश (973-997 ई.) तैलव द्वितीय मान्यखेत/कल्याणी
चालुक्य वंश (615 से 633 ई. तक) विष्णुवर्धन वेंगी
राष्ट्रकूट वंश (लगभग छठी से तेरहवीं शताब्दी के मध्य) दन्तिदूर्ग मान्यखेत
पाल वंश (750 – 1174 इसवी) गोपाल मुंगेर
गुर्जनप्रतिहार (मध्य 7 वीं ,11 वीं सदी) नागभट्ट प्रथम मालवा
सेन वंश (12 वीं सदी के मध्य) सामन्त सेन नदिया
गहड़वाल वंश (1080 से 1100 ई.) चन्द्रदेव कन्नौज
चौहान वंश (7 वीं से 12 वीं शताब्दियों तक) वासुदेव अजमेर
चन्देल वंश (08वीं से 12वीं शताब्दी तक) नन्नुक खजुराहो
गंग वंश (350-1000 ई) वज्रहस्त वर्मन पुरी
उत्पल वंश (855 ई से लगभग 939 ई तक) अवन्ति वर्मन कश्मीर
परमार वंश (9 वीं और 14 वीं सदी) उपेन्द्रराज धारानगरी
सोलंकी वंश (940 ई और 1244 ई बीच) मूलराज प्रथम अन्हिलवाड़
कलचुरी वंश (681-9 6 ई) कोकल्ल त्रिपुरी
चोल वंश (9 वीं शताब्दी से 13 वीं) विजयालय तंजावुर

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