How to Improve Reading Comprehension: Expert Tips and Tricks

0
966
views

How to Improve Reading Comprehension: Expert Tips and Tricks

Days-01

COMPREHENSION: Comprehension का शाब्दिक अर्थ होता है ‘समझ’ (understanding); परंतु यहाँ ध्यान देने और आपको अपने आप से पूछने की जरूरत है कि समझ किस चीज की -difficult शब्दों की, grammar की या passage में लिखे विचार की या इन सभी की एक साथ?

                                                                         भ्रांति/Misconception – पहली

आप प्राय: यह सोचते और मानते हैं कि चूंकि आपका word-power कमजोर है तथा आपको grammar के rules की जानकारी नहीं है इसलिए passage में लिखे विचार आपको समझ में नहीं आते।।

 हकीकत 

Passage की understanding इन दोनों पर निर्भर नहीं करती। Grammar की उपयोगिता भाषा को समझने में नहीं बल्कि उसे शुद्ध करने में है। वास्तव में कोई वाक्य चाहे grammatically अशुद्ध ही क्यों नहीं हो, उसमें लिखे विचार हमें समझ में आ ही जाते हैं। आप एक वाक्य लें:

Modern man while search happy and physically comfortable have went far away of religious.

आप अगर इस वाक्य को grammatically analyse करें तो इसमें एक साथ 9 गलतियाँ है, परंतु क्या इस वाक्य में निहित अर्थ आपको समझ में नहीं आ रहा है कि “आधुनिक मानव खुशी और शारीरिक सुख की खोज में धर्म से दूर चला गया है?” अगर आपको इतना भी समझ में नहीं आ रहा है तो शायद आपको अभी बहुत प्रयास करने की जरूरत है – grammar पढने या शब्द रटने का नहीं बल्कि समझने के लिए पढ़ने का practice करने का । इसके उपायों पर मैं आगे चर्चा करूंगा। परंतु अगर आपको भावार्थ (translation नहीं) समझ में आ गया है तो आप comprehension बनाने की स्थिति में हैं, बस सिर्फ “क्या करें और क्या न करें” का ध्यान रखना होगा। ऊपर दिए गए वाक्य का grammatically शुद्ध रूप होगा –

The modern man while searching happiness and physical comfort has gone far away from religion.

परंतु आप बताएँ (अगर आपको भाव समझ में आया है तो) कि क्या शुद्ध लिखने से वाक्य के अर्थ पर अंतर पड़ा? आप जानते हैं कि comprehension में आपको समझकर उत्तर देने के लिए कहा जाता है न कि वाक्य का grammar शुद्ध करके।

 निष्कर्ष 

आप Comprehension पढ़ते समय यह नहीं देखें की इसमें grammar के कौन से नियम जुड़े हैं। अक्सर आप ऐसा करते भी नहीं। लेकिन अगर आपके मस्तिष्क में ऐसी कोई बात है तो इसे तुरंत हटा दें। “Comprehension की समझ के दृष्टिकोण से आपके grammar में कोई कमी नहीं है।”

भ्रांति/Misconception – दूसरी

आपमें से बहुत सारे लोग यह सोचते हैं कि चूंकि आपका word-power कमजोर है इसलिए आपको Comprehension समझ में नहीं आता। इसलिए आप अपनी understanding बढ़ाने के लिए शब्दों का अर्थ रटते हैं।

हकीकत 

पहली वास्तविकता यह है कि रटे हुए शब्द आपको याद नहीं रहते। हफ्तों की बात आप छोड़ दें, कुछ दिनों के बाद ही आप याद किए हुए अधिकतर शब्द भूल जाते हैं।

दूसरी, जिन शब्दों का अर्थ आपने याद किया है, वे क्या सचमुच बार-बार Comprehension में मिलते हैं? कभी-कभार कोई शब्द किसी passage में मिल जाता है। शब्दों का समुद्र अथाह है और कौन सा शब्द आपको passage में मिलेगा इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है और सारे शब्दों का अर्थ भी याद नहीं किया जा सकता।

तीसरी और आपके लिए समझने का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि किसी passage में जिन शब्दों का अर्थ आप नहीं जानते, वे जाने हुए शब्दों की तुलना में बहुत ही कम होते हैं। अगर आप 200 शब्दों के किसी passage में अनजान शब्दों की गिनती करें तो आप पायेंगे कि अधिकतम 10 से 15 शब्दों का अर्थ 

आपको नहीं पता। अब आप अपने से पूछे कि अगर 185-190 शब्दों का अर्थ आपको पता है तो क्या उन 10-15 शब्दों के कारण आप passage को नहीं समझ पा रहे हैं? याद रखें, यह संसार rule of majority से चलता है और अगर आपका तरीका सही है तो उन 10-15 अनजान शब्दों से passage के अर्थ पर कोई अंतर नहीं पड़ेगा।

वास्तविकता यह है कि आप में से अधिकांश वाक्यों को हिन्दी में अनुवाद कर समझने का प्रयत्न करते हैं तभी आपको हर शब्द के अर्थ की जरूरत पड़ती है। परंतु दो बातें ध्यान देने की हैं- पहला, किसी एक भाषा के वाक्य को दूसरी भाषा में अनुवाद वही कर सकता है जिसे दोनों भाषाओं के grammar और word meaning पर समान रूप से नियंत्रण हो और दूसरा, अनुवाद का अर्थ understanding नहीं होता।

निष्कर्ष 

आप passage को हिन्दी में समझने की प्रक्रिया को कमजोर करें। याद रखें कि जब तक आप हिन्दी में अनुवाद कर अर्थ समझने का प्रयत्न करेंगे, तब तक Comprehension की understanding अच्छी नहीं होगी। अगर किसी वाक्य में अधिकतर शब्दों का अर्थ आपको आता है तो उन शब्दों के आधार पर आप भावार्थ निकालने की कोशिश करें। यह ध्यान नहीं दें कि किन शब्दों का अर्थ आपको नहीं पता। उन शब्दों का अर्थ dictionary आदि से देखने की कोशिश न करें क्योंकि अगर यही आदत बनी रही तो क्या examination hall में भी आप dictionary ले जायेंगे? दूसरे, क्या हर Comprehension में आनेवाले हर शब्द का अर्थ आप याद कर लेंगे? जो शब्द आपको नहीं आते उनके बिना काम चलाने की कोशिश करें यानि अर्थ निकालने की कोशिश करें। अगर आप यह प्रक्रिया जारी रखेंगे तो कुछ दिनों के बाद आप यह पायेंगे कि जाने हुए शब्दों के आधार पर आप अनजान शब्दों के अर्थ का सटीकता से अनुमान लगा पा रहे हैं। और यही जरूरी है।

एक ध्रुव सत्य है कि understanding साइकिल चलाना सीखने की तरह है। आप जितनी चलाने की कोशिश करते हैं उतनी ही जल्दी आपको चलाने आती है। उसी प्रकार, आप जितना अधिक पढ़ेंगे (समझने के लिए, अनजान शब्दों पर ध्यान दिए बिना) उतनी ही जल्दी आपको भाषा समझ में आने लगेगी। आप मानते हैं कि चूंकि आपको समझ में नहीं आता, आप नहीं पढ़ते, पर हकीकत यह है कि चूँकि आप नहीं पढ़ते आपको समझ में नहीं आता। अगर आपके पढ़ने की मात्रा बढ़ जाए तो आपको समझ में बहुत जल्दी आने लगेगा।

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि passage पढ़ने के समय आप अपना ध्यान विचारों पर केन्द्रित करें।

अब आप परीक्षा के दृष्टिकोण से Comprehension को हल करने के आवश्यक पहलुओं पर ध्यान दें।

Comprehension के प्रकार

परीक्षाओं में पूछे जाने वाले comprehension प्राय: तीन प्रकार के होते हैं – किसी घटना का वर्णन करने वाला Story-based Comprehension, किसी विषय पर व्याख्यात्मक Fact-based Comprehension और किसी तथ्य पर लेखक के अपने विचारों को व्यक्त करने वाला opinion-based comprehension. इन सभी प्रकार के comprehensions और उनको समझने के लिए आवश्यक बातों की विस्तृत चर्चा करते हैं।

1. Story-based Comprehension

2. Fact -based Comprehension

3.Opinion based Comprehension

4.based Comprehension